Friday, March 29, 2013

Thirteen (13) Temple of Lord Shiva in a Row

द्वादश ज्योतिर्लिंग मंदिर :- कर्णवास स्थित भगवान् शंकर के १३ मंदिर एक लाइन में । इन मंदिरों में भगवन शंकर के मुख्या अवतारों की मुर्तिया प्रतिस्थापित हैं ।  इन १३ मंदिरों में १३ ज्योतिर्लिंग विद्यमान है । यह हिन्दुस्तान में एक मात्र ऐसी जगह है जहा भगवान्  शिव के  १३ ज्योतिर्लिंगों को एक साथ प्रतिस्थापित किया गया है ।  श्री गंगा जी के देवत्रय घाट पर श्री देवत्रय मंदिर के पास द्वादस ज्योतिर्लिंग मंदिर मन हुआ है । इन मंदिरों के बीच में प्रधान मंदिर है इस प्रकार ये  १३ मंदिर एक साथ बने हुए है । इन मंदिरों का निर्माण कुछ समय पूर्व ही ज्योत्र्मायी माँ ने अपने दिल्ली के भक्त जानो के सहयोग से कराया था । मंदिरों चारो तरफ हरेभरे वृक्ष एवं अनेक प्रकार के फूलो से भरा हुआ एक बगीचा है इस बगीचे में यह मंदिर अति सुन्दर लगते है ।

13 temple of Lord Shiva in a row in Karanwas Bulandshahr:-


13 mandir karanwas
13 mandir karanwas
 
thirteen temple karanwas bulandshahr
Thirteen temple or lord Shiva in Karanwas

Sri Devatray Aadarsh inter college karanwas

श्री देवत्रय आदर्श इंटर कॉलेज  कर्णवास  :- श्री देवत्रय आदर्श इंटर कॉलेज कर्णवास । इस इलाके का यह सबसे पुराना इंटर कॉलेज है । स्वामी निर्मलानंद जी द्वारा बनवाया गया और जो आज ये इंटर कॉलेज दिखाई देता है ये सब कार्य प्रधानाचार्य निर्मल कुमार जी द्वारा करवाया गया है । श्री निर्मल कुमार जी की वजह से ही इस  विद्यालय को लोग दूर दूर तक जानते थे...अनुशासन की लिए इस इंटर कॉलेज को बहुत दूर दूर तक जाना जाता है ...यहाँ से शिक्षा प्राप्त किये विद्यार्थी आज देश विदेशो  में ऊंची ऊंची पदवियो पे कार्यरत है ।

करनवास के पवित्र दक्षिण तट पर स्थित यह विद्यालय करनवास का गौरव है । विद्यालय अपने अनुशासन व्यवस्था परीक्षाफल आदि के लिए मंडल एवं प्रदेह में विशेष स्थान रखता है । विद्यालय के भवन व्यवस्थित एवं आकर्षक है । विद्यालय में दो प्रांगढ पूर्ण  निर्मित है   तृतीय प्रांगढ निर्माणाधीन है । दोनों ही प्रांगढ फूलवारी , वृक्षावली आदि से सुसज्जित एवं मन मोहक है । कमरों की बनावट में  एकरूपता इस विद्यालय के पास पर्याप्त करिही भूमि , तुबेवेल आदि सब सुविधाए है । लगभग २ हजार छात्र छात्राए एक साथ शिक्षा ग्रहण करते है । विद्यालय के श्रेष्ठतम सञ्चालन, सर्वोत्तम अनुशाशन एवं नियोजित व्यवस्था  के लिए  स्वर्गीय प्रधानाचार्य श्री निर्मल कुमार अग्रवाल को राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित किया गया था । आदित्य गौड़(अंकुर पंडित), अमित सौन्ठिया भी इसी कॉलेज के छात्र रहे है ।     












Swami Nirmalanad ji Maharaj

Inter College karanwas bulandshahr
Sri Devatraya Aadarsh Inter College Karanwas

Budhaoo Mandir | Budhaoo Aashram

बोधि माता मंदिर :- ग्राम कर्णवास में प्रतिस्थापित बुधु मंदिर ! सप्ताह के हर मंगलवार को ग्राम निवासी यहाँ पूजा अर्चना कर अपनी मंगल कामना की प्रार्थना करते है । होली दिवाली को यहाँ स्थित देवी जी की पूजा करने का विशेष महत्व है ।

करनवास से पूर्व दिशा में भूतेश्वर मंदिर से लगभग १ किलोमीटर किदूरी पर सर्वथा शांत एकांत छेत्र में स्थित सिद्ध स्थान बुधू के नाम से प्रसिद्ध है । यहाँ बोधि माता का छोटा किन्तु सिद्ध मंदिर है । भक्तो की मान्यता है की बोधि माता के दर्शन करने से सभी प्रकार के कष्ट आधि व्याधि नष्ट हो जाते है भक्त श्रद्धा पूर्वक हलुवा पूड़ी से माँ का भोग लगते है । करनवास बिलोना आदि निकटवर्ती गाँव के निवासी अपनी गाय भेंस  का पहली बार का दूध माँ पर चडाते है  ऊंचे टीले पर स्थित इस सिद्ध भूमि पर बोधि माता के अतिरिक्त एक शिवालय और हनुमान जी का भी मंदिर है । हनुमान जी की प्रतिमा विशाल शिला खंड पर बनी है और ग्यारहवी शताब्दी की है इस स्थान पर अनेक संत महात्माओं ने एकांत तपस्या करके अपने इष्ट की प्राप्ति की है । पूर्व काल में महात्मा गौतम बुद्धा ने यहाँ रहकर तपस्या की थी इसी लिए इस स्थान को बुधू नाम से जाना जाता है कर्ण क्षेत्र में आने पर इस स्थान का दर्शन अवस्य करना चाहिए । यहाँ अभी ४-६ वर्ष पहले तक प्राचीन वाट वृक्ष भी था जिसके निचे बैठ कर महात्मा गौतम बुद्धा ने बैठ कर तपस्या की थी । 

Budhaoo Aashram Karanwas :-



Budhaoo Mandir Karanwas
Budhaoo Mandir Karanwas


Budhaoo Aashram karanwas
Budhaoo Aashram karanwas


Maa Budhaoo Mandir Karanwas
Maa Bhagwati Math Budhaoo Mandir

Chamunda Devi Mandir Karanwas

प्राचीनतम चामुंडा देवी मंदिर (आँखों वाली माता) कर्णवास । यही पर दानवीर राजा कर्ण सवा मन सोना गरीबो को दान में दिया करते थे !

यद्यपि वर्तमान में माँ चामुंडा के मंदिर का जीर्णोद्धार हो चूका है किन्तु प्राचीन काल से इस मंदिर की उपस्थिति मानी जाती है । कुछ लोगो का कहना है की चामुंडा देवी का मंदिर कल्याणी देवी के मंदिर से भी प्राचीन है कहा जाता है की राजा कर्ण  रात्रि में माँ चामुंडा के मंदिर में आता था और १ बड़े कडाहे में तेल खुलकर उसमे कूद पड़ता था जब उसका सरीर भली भांति तेल में भुन जाता तो उसे निकाल कर माँ उसकी हड्ड्यो को एकत्र कर उनपर अमृत छिड़क कर माँ चामुंडा देवी पुनः जीवित कर देती थी और प्रसन्न होकर सवा मन सोना दिया करती थी जिसे कर्ण प्रातः काल होते ही गरीबो को दान में दिया करता था इस प्रकार कर्ण ने आजीवन इस खेरे पर सवामन सोने का दान प्रतिदिन किया था । आज भी मान्यता है की चामुंडा देवी से मांगी हुई मुराद अवश्य पूरी होती है ।

Chamunda Devi Mandir of karanwas :-


Chamunda Devi Mandir karanwas
Chamunda Devi Mandir karanwas


Chamunda Devi karanwas
Chamunda Devi karanwas

Hanuman Mandir karanwas

कर्णवास स्थित संकट मोचन हनुमान मंदिर ! प्रतिमा की ऊंचाई तक़रीबन १० फुट है ।


Old Hanuman Mandir of Karanwas :-


Hanuman Mandir karanwas
Hanuman Mandir karanwas


 
हाल ही में प्रतिस्थापित तक़रीबन २५ फुट ऊंची हनुमान जी की प्रतिमा ।

Hanuman Ji Ki jai :-


Hanuman idol karanwas
Hanuman idol karanwas 

Sheetla Mata Mandir | Lalita Devi Mandir

कर्णवास स्थित माता शीतला देवी (ललिता देवी) का प्राचीनतम मंदिर।

माँ कल्याणी के मंदिर के मुख्या द्वार के पास ही दाई ओर ललित देवी का प्राचीन मंदिर है । यह मंदिर भी पहले जीर्ण शीर्ण अवस्था में था कल्याणी माँ के मंदिर के निर्माण के समय ही इस मंदिर का जीर्णोद्धार कर वर्तमान स्वरुप दिया गया था इस मंदिर के समीप ही दो रसोई घर बने है जहा मेल के अवसर पर यात्री गण भंडारे करने के लिए उपयोग करते है । जय माता की ।
Lalita Devi Mandir Karanwas :-


Lalita Devi Mandir karanwas
Sheetla(Lalita) Mata Mandir


Lalita Devi Temple karanwas
Lalita Devi Temple

Karn Mandir Karanwas | Karn Shila karanwas

ये है कर्णवास स्थित कर्ण मंदिर और ये है वो शिला जहा बैठ कर राजा कर्ण रोज सवा मन सोना गरीबो को दान दिया करते थे । पूरी हिन्दुस्तान (इंडिया) ही नहीं पूरे विश्व में यही एक मात्र पांडव कालीन दानवीर राजा कर्ण का मंदिर है जो की मेरे गाँव करनवास में स्थित है ।


Karn Mandir Karanwas District Bulandshahr U.P.



Karn Mandir karanwas
Karn Mandir karanwas
 
Karn Shila
Karn Shila Karanwas
Karn Shila